कड़वी कॉफी की इस कड़ी में बात हो रही है राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानी NCERT की किताबों में बदलाव की. लाखों बच्चे इन किताबों के ज़रिए भारत और दुनिया के बारे में अपनी समझ बनाते हैं तो इन किताबों में बदलाव के पीछे क्या राजनीतिक मंशाएं हैं और ये किताबें किस तरह अगली पीढ़ी को प्रभावित करेंगी. इस पर दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी के अध्यापक और लेखक अपूर्वानंद बात कर रहे हैं शिक्षाविद और प्रोफेसर अनीता रामपाल और प्रोफेसर सुहास पलशिकर से.
Changes in NCERT textbooks : क्या मकसद राजनीतिक है?
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NCERT rationalisation exercise: Why Class X students need the periodic table
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